नेशनल हेराल्ड प्रकरण को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बुधवार को राजधानी रायपुर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की शुरुआत पुराना बस स्टैंड, पंडरी से हुई, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए बीजेपी जिला कार्यालय एकात्म परिसर की ओर कूच किया।
हालांकि, पहले से तैनात पुलिस बल ने बैरिकेड्स लगाकर कांग्रेसियों को बीच रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। भाजपा के खिलाफ नारेबाजी के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी भी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
ईडी के दुरुपयोग का आरोप
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नेशनल हेराल्ड आज़ादी की लड़ाई का प्रतीक रहा है और उसे बचाने के लिए यंग इंडिया द्वारा सहायता दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का राजनीतिक दुरुपयोग कर कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने का प्रयास किया।
भूपेश बघेल ने कहा कि बिना एफआईआर के वर्षों तक जांच चलती रही, लेकिन जब मामला अदालत पहुंचा तो वह टिक नहीं सका। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि यह फैसला मोदी-शाह की राजनीति पर करारा तमाचा है।

कांग्रेस डरने वाली नहीं: भूपेश बघेल
एआईसीसी महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कर रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस ऐसे हथकंडों से डरने वाली नहीं है और संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य नेताओं पर मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता। भाजपा अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।

भाजपा का षड्यंत्र उजागर: दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा की साजिश सामने आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया। भाजपा कार्यालय के घेराव के जरिए कांग्रेस ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया है।
ये नेता रहे मौजूद
प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, विधायक, पूर्व मंत्री, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए, जिससे राजधानी रायपुर का राजनीतिक माहौल गर्माया रहा।







