रायपुर:बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मोंथा चक्रवात का असर अब छत्तीसगढ़ पर दिखने लगा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना है। विभाग ने मंगलवार को दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
भारी बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी:
मौसम विभाग ने बताया कि मोंथा चक्रवात से बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कांकेर और नारायणपुर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। साथ ही, कुछ इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
विभाग ने यह भी कहा कि यह प्रभाव 29 अक्टूबर तक बना रहेगा। मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
राजधानी रायपुर में भी बदलेगा मौसम:
रायपुर में मंगलवार को आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30°C और न्यूनतम 25°C के आसपास रह सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिन में हल्की उमस के साथ शाम के समय ठंडक महसूस की जा सकती है।
बिलासपुर में मौसम हुआ सुहावना:
न्यायधानी बिलासपुर में सोमवार से मौसम में बदलाव देखा गया। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और हल्की हवाओं ने लोगों को राहत दी। सोमवार को अधिकतम तापमान 30.8°C और न्यूनतम 23.2°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक रहा।
मंगलवार और बुधवार को शहर व आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। मौसम में आई यह ठंडक सर्दी के आगमन का संकेत मानी जा रही है, जिससे लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं।
लोगों और किसानों को दी गई सलाह:
मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि अगले दो दिनों तक सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और खुले स्थानों पर जाने से परहेज करें। ग्रामीण इलाकों में तेज़ हवा और भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर:
बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कांकेर और नारायणपुर जिलों के प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। ग्रामीण इलाकों में जलभराव और पेड़ों के गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए टीमों को तैयार रखा गया है।







