मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रदेश भर की निर्माणाधीन और प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास में जल संसाधन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता और गति दोनों आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट कहा कि राज्य की जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल किसानों की उपज बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी नियमित रूप से की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से मुख्यमंत्री को विभाग की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई बड़े सिंचाई कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिवों और अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि समय पर सभी कार्य पूरे कर जनहित की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुभोध कुमार सिंह, सचिव पी. दयानंद तथा जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि “प्रदेश का विकास तभी संभव है जब हर खेत तक पानी और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचे। यही हमारी सरकार का लक्ष्य है।”



