जगदलपुर के शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय में घटी एक घटना ने पूरे शिक्षक समुदाय को झकझोर कर रख दिया। एक शिक्षक को सिर्फ जींस पैंट पहनकर कार्यालय पहुंचने पर बाहर निकाल दिया गया। इस घटना ने न केवल शिक्षकों में आक्रोश फैला दिया बल्कि ड्रेस कोड और अनुशासन के बीच की रेखा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मचली माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक श्री प्रकाश नेताम अपने दस्तावेजों के सत्यापन के लिए कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने शालीन सफेद शर्ट और सादी काली जींस पहनी थी। उनके कपड़े साफ-सुथरे और सामान्य थे। लेकिन संयुक्त संचालक ने उनके पहनावे पर आपत्ति जताते हुए कहा — “मेरे ऑफिस में जींस पैंट नहीं चलता।” इसके बाद उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया। जब शिक्षक ने पूछा कि क्या विभाग में ऐसा कोई लिखित ड्रेस कोड है, तो उन्हें डांटते हुए बाहर जाने को कह दिया गया।
इस घटना के बाद शिक्षक संगठनों में गहरा रोष देखने को मिला। Samagra Shikshak Federation के प्रांतीय अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने कहा कि यह व्यवहार निंदनीय है और शिक्षकों की गरिमा पर सीधा प्रहार है। विभाग में कोई निर्धारित ड्रेस कोड नहीं होने के बावजूद किसी अधिकारी द्वारा अपनी निजी सोच को नियम बनाना तानाशाही से कम नहीं। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले की जांच करे और संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई करे।
शिक्षक संघों का कहना है कि अगर कोई शिक्षक फटी या भड़कीली जींस पहनता तो बात समझ में आती, लेकिन साधारण और शालीन कपड़ों में आए शिक्षक को इस तरह बेइज्जत करना अनुचित है। यह घटना शिक्षा व्यवस्था की आत्मा को ठेस पहुंचाने जैसा है।



