रायपुर। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विभागीय कामकाज में ढिलाई पर सख्त रुख अपनाते हुए दिशा सूचक बोर्ड, रोड मार्किंग और अधिकारियों को सड़क उनयन के कार्यों को प्रमुखता से किए जाने का स्पष्ट निर्देश दिए है ।
नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने सड़क और पुल निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मुख्य अभियंता कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई और कहा कि अब कामकाज को कॉर्पोरेट तरीके से, पूरी जिम्मेदारी और तेजी के साथ करना होगा। फील्ड से लेकर दफ्तर तक काम करने के तरीके में सुधार जरूरी है।
बैठक में परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की खराब हालत पर भी मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों की नियमित जांच हो और जहां भी खराबी मिले, वहां संबंधित ठेकेदारों से तुरंत मरम्मत कराई जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्यों को तेज करने के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। सभी मुख्य अभियंताओं को कहा गया कि वे प्राथमिकता वाले कार्यों की खुद निगरानी करें और हर सप्ताह फील्ड में जाकर प्रगति का जायजा लें।
नई सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए कलेक्टरों के साथ बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया। साथ ही ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने और सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने साफ कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं होगा। लंबे समय से अधूरे पड़े काम विभाग की छवि खराब करते हैं, इसलिए सभी परियोजनाएं तय समय में पूरी की जाएं।







