छत्तीसगढ़ से लगी महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित गढ़चिरोली में नक्सली आंदोलन को बड़ा झटका लगा है। डेढ़ करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता भूपति उर्फ अभय ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। भूपति माओवादी संगठन का बड़ा कैडर और केंद्रीय नेतृत्व का अहम सदस्य माना जाता था। वह छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मोस्ट वांटेड की सूची में शामिल था। उस पर डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
भूपति ने हाल ही में पुलिस के समक्ष संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखते हुए एक पत्र जारी किया था। इसी के बाद से वह चर्चाओं में आ गया था। इससे पहले उसकी पत्नी ने भी गढ़चिरोली में समर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया था।
भूपति के साथ 59 अन्य माओवादियों ने भी हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया। इनमें कई महिला और पुरुष माओवादी शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से जंगलों में सक्रिय रहकर कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। सरकार और सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और विकास कार्यों के प्रभाव से उन्होंने अब मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
इस आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। हाल ही में दंतेवाड़ा में भी 71 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिससे यह स्पष्ट है कि नक्सली संगठन अब कमजोर पड़ता जा रहा है और लोग हिंसा छोड़कर शांति के रास्ते को अपना रहे हैं।







