नवा रायपुर को मिलेगी नई पहचान: रायपुर जिले में बनेगी छठवीं तहसील, प्रशासनिक कामकाज होगा आसान

Madhya Bharat Desk
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राजधानी रायपुर जिले में प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नवा रायपुर को नई तहसील का दर्जा देने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। राजस्व विभाग ने तहसील गठन का प्रस्ताव विधि विभाग को भेज दिया है और सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट से इसे जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है।

नए तहसील बनने से ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे राजस्व, ज़मीन और प्रमाण पत्र जैसे कार्यों के लिए रायपुर तहसील तक नहीं जाना पड़ेगा। नवा रायपुर को अलग तहसील बनाने से पुराने तहसील कार्यालयों पर दबाव कम होगा और कार्यों में तेजी आएगी।

42 गांव होंगे शामिल, प्रशासनिक पहुंच होगी मजबूत

नवा रायपुर तहसील में आसपास के करीब 42 गांवों को शामिल किया जाएगा। इन गांवों में फिलहाल के लिए रायपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्र होंगे। प्रस्तावित तहसील बनने के बाद इन गांवों में सरकारी सेवाओं और विकास कार्यों की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।

मंदिरहसौद के बाद अब नवा रायपुर छठवीं तहसील

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने मंदिरहसौद को नई तहसील के रूप में गठित किया था। अब मौजूदा भाजपा सरकार नवा रायपुर को रायपुर जिले की छठवीं तहसील के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वर्तमान में जिले में रायपुर खास, धरसींवा, आरंग, अभनपुर और मंदिरहसौद कुल पांच तहसीलें हैं। नवा रायपुर के जुड़ने से प्रशासनिक बुनियाद और भी मजबूत होगी।

राज्योत्सव पर हो सकती है घोषणा

सूत्रों के अनुसार, सरकार इस नई तहसील की औपचारिक घोषणा Chhattisgarh Rajyotsava के अवसर पर कर सकती है। इस कदम से नवा रायपुर क्षेत्र को न सिर्फ प्रशासनिक पहचान मिलेगी बल्कि विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी। यह निर्णय स्थानीय ग्रामीणों के लिए राहत लेकर आएगा।

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