छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक बड़ी राजनीतिक घटना सामने आई है, जहां जगदलपुर सर्किट हाउस में कार्यरत एक कर्मचारी ने मंत्री केदार कश्यप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी जितेंद्र पांडे ने मंत्री पर मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
बीती रात मीडिया के सामने बयान देने के बाद, कर्मचारी जितेंद्र पांडे ने जगदलपुर सिटी कोतवाली में मंत्री के खिलाफ लिखित शिकायत दी। शिकायत पत्र में पांडे ने बताया कि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें मां-बहन की गालियां दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद मंत्री ने उन्हें जूतों से मारा और घसीटते हुए एक कमरे में ले जाकर जमकर पिटाई की।
“मंत्री केदार कश्यप द्वारा मुझे सर्किट हाउस का कक्ष न खोलने की बात को लेकर मां बहन की गाली गलौच करते हुए, मुझे अपशब्द कहकर मेरा कॉलर पकड़कर मुझे कमरे के अंदर घसीटते हुए ले गए और मेरी पिटाई की।”
जितेंद्र पांडे ने अपनी शिकायत में यह भी लिखा है कि वह एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी हैं और कई वर्षों से सर्किट हाउस में खानसामा के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि वह इस घटना से बहुत आहत हैं और मांग की है कि मंत्री कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए।
इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर मंत्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
मंत्री ने आरोपों को नकारा
वहीं, मंत्री केदार कश्यप ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि इस तरह की कोई घटना हुई ही नहीं है और ये आरोप कांग्रेस द्वारा किए जा रहे भ्रामक प्रचार का हिस्सा हैं।
“हमारे देवतुल्य कार्यकर्ताओं का अपमान किसी भी स्थिति और परिस्थिति में मेरे लिये सहनीय नहीं है। कांग्रेस मुद्दा विहीन है। केवल भ्रामक प्रचार करने का काम कांग्रेस के पास बच गया है। जिस तरह की घटना की बात कही जा रही है ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है।”
पुलिस ने कर्मचारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती



