राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में कथित भ्रष्टाचार पर सियासी घमासान, कांग्रेस पहुंची कोर्ट

Madhya Bharat Desk
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रायपुर।बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी को लेकर उठे कथित भ्रष्टाचार के आरोप अब न्यायालय तक पहुंच गए हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल द्वारा दायर याचिका को एसीबी-ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत ने स्वीकार कर लिया है। इस याचिका पर आगामी 20 जनवरी को सुनवाई निर्धारित की गई है।

याचिका में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्कूल शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि जंबूरी आयोजन में नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं।

एसीबी-ईओडब्ल्यू में भी शिकायत

कांग्रेस ने इससे पहले भी बिना निविदा प्रक्रिया के आयोजन और निविदा जारी होने से पहले ही टेंट लगाने के मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू से शिकायत कर जांच की मांग की थी। अब मामला कोर्ट में पहुंचने से शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है।

सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

स्काउट-गाइड और स्कूल शिक्षा विभाग के तत्वावधान में 9 से 13 जनवरी तक चल रहे इस आयोजन को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक खींचतान देखने को मिल रही है। इससे पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वयं को स्काउट-गाइड का राज्य अध्यक्ष बताते हुए जंबूरी को स्थगित करने का निर्णय लिया था, लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्वयं को पदेन अध्यक्ष बताते हुए आयोजन जारी रखने का फैसला किया।

पांच करोड़ की टेंट निविदा पर सवाल

जंबूरी आयोजन में करीब पांच करोड़ रुपये की टेंट निविदा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि केवल अस्थायी शौचालयों पर ही लगभग दो करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। हालांकि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का कहना है कि पूरी निविदा प्रक्रिया पारदर्शी रही है और आयोजन समाप्त होने के बाद सभी भुगतान का विवरण सार्वजनिक किया जाएगा।

‘अस्थायी टॉयलेट पर करोड़ों खर्च’

कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल ने आरोप लगाया कि अस्थायी शौचालयों पर भारी-भरकम राशि खर्च कर दी गई, जबकि इतनी रकम में स्थायी निर्माण संभव था। उन्होंने टेंट व्यवस्था और बच्चों की वास्तविक संख्या पर भी सवाल उठाते हुए इसे सरकारी धन की खुली बर्बादी बताया।

बृजमोहन अग्रवाल का बयान

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी अस्थायी टॉयलेट निर्माण में गड़बड़ी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन मुद्दों को उन्होंने उठाया था, वे सही साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना टेंडर के कार्य होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और संबंधित प्राधिकरण को कार्रवाई करनी चाहिए।

कांग्रेस ने की CBI जांच की मांग

प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी विजय जांगिड़ ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेता भी सवाल उठा रहे हैं, तो साफ है कि मामला गंभीर है। जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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