छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मेडिकल कॉलेज मान्यता घोटाला एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। इस घोटाले में सीबीआई ने कड़ा रुख अपनाते हुए हाल ही में बड़ी कार्रवाई की है। विशेष अदालत में 133 पेज की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें रावतपुरा सरकार ट्रस्ट, रेरा चेयरमैन संजय शुक्ला (IFS) और अन्य आरोपियों के नाम शामिल हैं।
सीबीआई की जांच में सामने आया कि मान्यता दिलाने के नाम पर मेडिकल कॉलेजों से बड़े पैमाने पर घूस ली गई। इस घोटाले में निरीक्षण के लिए आई टीम के कई सदस्य भी संदेह के घेरे में आए। चार्जशीट में 11 लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि संजय शुक्ला को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में रेरा का चेयरमैन बनाया गया था। उन्हें पहले से ही चर्चित नान घोटाले और शराब घोटाले के आरोपियों के करीबी माना जाता रहा है। यही वजह है कि उनका नाम एक बार फिर विवादों के घेरे में आया है।
सीबीआई का कहना है कि इस पूरे मामले में वित्तीय लेन-देन और मिलीभगत की गहन जांच की जा रही है। अब विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि इन आरोपियों के ख़िलाफ़ आगे क्या कार्रवाई होगी।
यह मामला न सिर्फ़ मेडिकल शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाता है बल्कि शासन और प्रशासनिक पारदर्शिता की भी गंभीर परीक्षा है।







