छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का खेल उजागर: प्रार्थना सभा की आड़ में 22 पर कार्रवाई, 8 पादरी जेल भेजे गए

Madhya Bharat Desk
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बालोद।छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। रविवार को बालोद जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र में पुलिस ने प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहे धर्मांतरण के खेल का पर्दाफाश किया। सूचना मिलते ही पुलिस ने चैनगंज-खलारी के बीच एक घर में छापेमारी कर 25 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद 22 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जिनमें 8 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल हैं।

8 आरोपी भेजे गए जेल

गुंडरदेही पुलिस ने सभी आरोपितों को SDM न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर 8 लोगों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इनमें खर्रा, गुंडरदेही, सनौद और महासमुंद समेत कई इलाकों के निवासी शामिल हैं।

पादरियों की मिली भूमिका

जांच में पता चला कि 5 से 6 पादरी भी इस अवैध प्रार्थना सभा में शामिल थे। विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि निजी मकानों को चर्च में तब्दील कर धर्मांतरण कराया जा रहा था।

पुराने मामलों की पुनरावृत्ति

यह घटना पहली बार सामने नहीं आई है। इससे पहले भी जिले के डौंडी, अर्जुन्दा, गुरूर और दल्लीराजहरा जैसे इलाकों में अवैध प्रार्थना सभाओं और धर्मांतरण के मामले उजागर हो चुके हैं।

विहिप और बजरंग दल ने कड़ी कार्रवाई की मांग की

घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को फोन कर मामले की जानकारी दी और आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस कार्रवाई में बजरंग दल और विहिप के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।

घरों को चर्च बना दिया गया

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई घरों को चर्च का रूप दे दिया गया है। यहां तक कि दीवारों पर चर्च का नाम भी लिखा गया है। हाल ही में माहुद बी गांव में कार्रवाई के दौरान पुलिस को ऐसा ही मामला मिला, जिससे यह साफ होता है कि घरों को अवैध रूप से धार्मिक स्थलों में बदला जा रहा है।

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