“बिलासपुर में भारी बारिश, एक चौथाई शहर में जलभराव”

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख शहर, इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति से जूझ रहा है। जुलाई महीने की शुरुआत में हुई मूसलधार बारिश ने न सिर्फ शहर की सामान्य दिनचर्या को अस्त-व्यस्त किया है, बल्कि प्रशासनिक तैयारियों की पोल भी खोल दी है। भारी वर्षा के कारण एक चौथाई शहर जलमग्न हो गया है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं

मुख्य समस्या: जलभराव और उसका दायरा

पिछले 24 घंटों में बिलासपुर में लगभग 10 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस तेज बारिश के कारण शहर के प्रमुख क्षेत्रों—बंधवापारा, इमलीभाठा, चौबे कॉलोनी, जोरापारा और मिशन अस्पताल रोड सहित कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर पानी इतना भर गया कि बाइक, स्कूटर, ऑटो और कारें आधी से ज्यादा डूब गईं। कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को मजबूरन ऊपरी मंजिलों या सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।

यातायात और जनजीवन पर प्रभाव

भारी जलभराव ने पूरे शहर के यातायात को ठप कर दिया। सड़कें नालों में तब्दील हो गईं, जिससे वाहन फंस गए और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई। स्कूली बच्चों, दफ्तर जाने वालों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ के कारण संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी हुई है।

प्रशासन की तैयारी और विफलता

नगर निगम और जिला प्रशासन की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से विफल साबित हुई। अधिकांश ड्रेनेज सिस्टम ब्लॉक होने के कारण बारिश का पानी बाहर निकलने की बजाय घरों और दुकानों में घुस गया। बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी की तैयारी न होने के कारण यह स्थिति और बिगड़ गई। लोगों में नाराजगी देखने को मिली, और कई जगहों पर प्रशासन के खिलाफ विरोध भी हुआ।

मौसम विभाग की चेतावनी और आगे की स्थिति

मौसम विभाग ने बिलासपुर सहित 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। अरपा नदी भी खतरे के निशान के पास बह रही है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट मोड पर रखा है और ग्रामीण क्षेत्रों में नावों और राहत शिविरों की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment