महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक प्रताप सरनाईक ने रविवार को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की एकजुटता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये साथ आना मराठी हित की लड़ाई नहीं, बल्कि बीएमसी की सत्ता को हथियाने की साजिश है। सरनाईक ने यह भी जोड़ा कि एकनाथ शिंदे ही मराठी भाषा को ‘क्लासिकल’ दर्जा दिलाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं, न कि ये नेता जो आज सिर्फ मंच साझा कर रहे हैं।
सरनाईक ने यह भी याद दिलाया कि जब शिवसेना (एकीकृत) बीएमसी पर 25 साल काबिज थी, तब मराठी समुदाय को कारोबार से दूर कर दिया गया था। आज वही लोग विजय रैली निकाल रहे हैं, लेकिन वह रैली भाषा या संस्कृति की नहीं, बल्कि बीएमसी के सिंहासन की लालसा का प्रतीक है।
सरनाईक का तंज:
उन्होंने कहा कि अगर मराठी संस्कृति और भाषा के लिए इतनी ही चिंता होती, तो पहले क्यों नहीं साथ आए? आज जब बीएमसी में राजनीतिक अस्तित्व संकट में है, तब ये दो ताकतें एक मंच पर दिख रही हैं।
उत्तर भारतीय दुकानदार पर हमले की निंदा:
सरनाईक ने भायंदर में एक उत्तर भारतीय दुकानदार पर मराठी न बोलने को लेकर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की परंपरा रही है।



