नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज ताज़ा FIR ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को गर्मा दिया है। इसी को लेकर सोमवार को रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईडी कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता ईडी दफ्तर पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ईडी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने और उनकी छवि खराब करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय जैसी जांच एजेंसियों का “हथियार” की तरह इस्तेमाल कर रही है।
क्या है मामला?
नेशनल हेराल्ड केस में पहले से चल रही जांच के बीच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 3 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत पर एक और FIR दर्ज की है। ED का दावा है कि लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर आर्थिक अनियमितताएं और मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत मिले हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है।
शिकायत में आरोप है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर वित्तीय लेन-देन में अनियमितताएं कीं और निजी फायदे उठाए। FIR में गांधी परिवार के अलावा 7 अन्य प्रमुख लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
FIR में IPC की ये धाराएं लगी हैं—
- 120B – आपराधिक साजिश
- 403 – बेईमानी से संपत्ति का गबन
- 406 – आपराधिक विश्वासघात
- 420 – धोखाधड़ी
कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा है कि यह लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास है।



