विवादों में घिरी फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई तक टाल दी है। इससे स्पष्ट हो गया है कि अब 21 जुलाई तक फिल्म सिनेमाघरों में नहीं आ सकेगी।
आज की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार की समिति से इस मामले में शीघ्र निर्णय लेने को कहा है। साथ ही, फिल्म के खिलाफ उठी आपत्तियों पर विचार करते हुए समिति को निर्देश दिया है कि वह कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपियों का पक्ष भी सुने।
रिलीज पर फिलहाल लगी रहेगी रोक
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि वह अभी कोई अंतिम आदेश नहीं देंगे और केंद्र सरकार की सिफारिशों का इंतजार करेंगे। उन्होंने फिल्म निर्माताओं से कहा कि यदि फिल्म से किसी की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचती है, तो उसकी भरपाई संभव नहीं होगी। हालांकि, आर्थिक हर्जाने की संभावना से इंकार नहीं किया गया।
निर्माताओं का दावा – सेंसर बोर्ड की मंजूरी मिली
फिल्म निर्माता की ओर से कोर्ट में बताया गया कि उन्हें सेंसर बोर्ड की मंजूरी प्राप्त है और पहले फिल्म का नाम कुछ और था, जिसे बदलकर ‘उदयपुर फाइल्स’ रखा गया। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने फिल्म को एक समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाला बताया और इसकी रिलीज का विरोध किया।







