गंगा की सहायक नदी वरुणा का जलस्तर बढ़ा; आसपास इलाकों में जलभराव

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

मॉनसून की शुरुआत के साथ वाराणसी सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गंगा नालों का उफान, नदियों का बढ़ता जलस्तर, और नालों की असंगत व्यवस्था की कड़ी परिणति बनकर सबकुछ प्रभावित हो गया है।

धार्मिक स्थलों पर रहस्य और उत्साह

बारिश के बीच भी गंगा घाटों पर आरती का क्रम जारी रहा। दर्जनों घाट जलमग्न होने और निचले स्तर का जल स्तर ऊंचा होने के बावजूद लोग “हर-हर महादेव” और “जय मां गंगे” के जयघोष से आस्था का उत्सव मनाते रहे । धार्मिक उत्साह के इस दृढ़ भाव ने भावनात्मक रूप से लोगों को मानो बार-बार हौसला दिया

जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव

दशाश्वमेध, अस्सी जैसे प्रमुख घाटों के अलावा, तराई और उपनगर क्षेत्रों में भी जलभराव ने स्कूल—सड़कों—दुकानों को प्रभावित किया है। वरुणा नदी का बढ़ता जलस्तर सिरोही, मटिहानी समेत निकटवर्ती क्षेत्रीय जनजीवन को संकट में डाल रहा है, जहाँ कई परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने की नौबत आई है ।

प्रशासन और प्राधिकरणों की सक्रियता

नगर निगम ने गंगा सेवा निधि, जल पुलिस, NDRF और स्थानिक प्रशासन के साथ घाटों की सुरक्षा और नाव सेवा को नियंत्रित रखा है । भू–आधारित व्यवस्थाओं की अनदेखी पर बीएचयू और रेलवे दोनों को पत्र लिखकर नाली व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया गया है ।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment