हेमचंद विवि स्कैम: कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप पर FIR दर्ज

Madhya Bharat Desk
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दुर्ग:हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप पर लगे गंभीर वित्तीय धांधली और भ्रष्टाचार के आरोपों में आखिरकार मोहन नगर पुलिस को झुकना ही पड़ा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दुर्ग और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) दुर्ग के कड़े आदेश के बाद 03 अगस्त 2026 को दोपहर 1:24 बजे थाना मोहन नगर में कुलसचिव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(4) के तहत अपराध क्रमांक 0550/2026 पंजीकृत कर लिया गया है।

शासकीय राशि का दुरुपयोग और जबरन उगाही
थाना प्रभारी केशव राम कोशले द्वारा दर्ज प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता श्रीमती शुभांगी मराठे (विश्वविद्यालय में पदस्थ अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी) का आधिकारिक मासिक वेतन ₹11,515/- था। आरोप है कि कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप द्वारा उन्हें विश्वविद्यालय के शासकीय कार्य के बजाय अपने घर पर खाना बनाने जैसे काम में रखा गया। इसके साथ ही, नौकरी से निकालने का डर दिखाकर वेतन में से मात्र ₹2,200/- ही उन्हें दिए जाते थे और शेष पूरी राशि अपने पुत्र के खाते में PhonePe एवं Paytm के जरिए जबरन ट्रांसफर करा ली जाती थी।

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17 महीनों में कुल ₹1,49,384 की अवैध वसूली
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच समिति ने पीड़िता के बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच की थी। प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR) में स्पष्ट उल्लेख है कि 06 फरवरी 2025 से 04 जुलाई 2026 के बीच विश्वविद्यालय निधि से जारी वेतन में से कुल ₹1,49,384/- की राशि अवैध रूप से दूसरे खाते में ट्रांसफर कराई गई। जांच रिपोर्ट में शत-प्रतिशत साक्ष्यों की पुष्टि होने के बाद ही यह कानूनी कदम उठाया गया है।

पद के दुरुपयोग पर BNS की धारा 316(4) का शिकंजा
पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर माना कि अनावेदक भूपेंद्र कुमार कुलदीप ने एक जिम्मेदार लोक सेवक (Public Servant) के पद पर रहते हुए शासकीय निधि से दिए गए वेतन का दुरुपयोग किया और गंभीर आपराधिक न्यासभंग (Criminal Breach of Trust) का अपराध घटित किया है। इसी आधार पर उनके विरुद्ध BNS की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने शुरू की वैधानिक विवेचना
विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति और पीड़िता की ओर से प्रस्तुत पक्के डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दर्ज हुई इस FIR के बाद अब पुलिस ने मामले की आधिकारिक विवेचना शुरू कर दी है। इस मामले में आगे की पूछताछ और वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

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