17 साल बाद फिर गरमाया रामअवतार जग्गी हत्याकांड, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से खुली फाइल

Madhya Bharat Desk
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रायपुर के बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले को अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फिर से खोला गया है, जिससे पूरे प्रदेश की निगाहें इस केस पर टिक गई हैं।

मौदहापारा थाना, रायपुर से जारी नोटिस के अनुसार, सतीश जग्गी को माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। उन्हें 25 मार्च 2026 को सुबह 10:30 बजे कोर्ट में स्वयं या अपने वकील के माध्यम से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

यह आदेश हाईकोर्ट में लंबित दो महत्वपूर्ण मामलों (CRR NO. 434/2007 और CRR NO. 323/2008) के तहत जारी किया गया है, जिसमें सतीश जग्गी बनाम छत्तीसगढ़ शासन का मामला शामिल है।

सबसे अहम बात यह है कि इस केस को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर री-ओपन किया गया है। अब इस मामले में आरोपी अमित जोगी, राज्य सरकार, सतीश जग्गी और CBI को अपना-अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल केस की अंतिम सुनवाई 1 अप्रैल 2026 को तय की गई है, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

रामअवतार जग्गी हत्याकांड पहले से ही राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से बेहद संवेदनशील रहा है। ऐसे में केस के दोबारा खुलने से प्रदेश की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया दोनों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

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