खजराना 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल पर जिला प्रशासन की सफाई, न जमीन मिली न हुआ कोई खर्च

Madhya Bharat Desk
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खजराना में प्रस्तावित 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल को लेकर सामने आई खबरों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि अस्पताल का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो सका है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग को आवंटित भूमि का वास्तविक हस्तांतरण नहीं हुआ है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल के नाम पर अब तक न तो दवाओं, चिकित्सा उपकरणों या अन्य सामग्री की कोई खरीदी हुई है और न ही इसके लिए कोई वित्तीय आवंटन प्राप्त हुआ है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा कलेक्टर शिवम वर्मा को प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, ग्राम खजराना के सर्वे क्रमांक 435/1/1 पैकी की 0.700 हेक्टेयर भूमि अस्पताल निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवंटित की गई थी, लेकिन उसका कब्जा अब तक विभाग को नहीं मिल पाया है। वर्तमान में इस भूमि का उपयोग नगर निगम इंदौर कर रहा है, जिसके कारण अस्पताल भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका।

हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के लिए आवंटित भूमि को अतिक्रमण और कब्जे से मुक्त कराकर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाए। इसके बाद भवन निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति सहित अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा।

वर्ष 2021 में मध्य प्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस अस्पताल के लिए 87 पद स्वीकृत किए थे। इनमें अब तक 29 स्टाफ नर्स, पांच फार्मासिस्ट और एक लैब टेक्नीशियन की पदस्थापना की जा चुकी है। चूंकि अस्पताल भवन तैयार नहीं है, इसलिए इन कर्मचारियों की सेवाएं फिलहाल शहर के विभिन्न सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में ली जा रही हैं। सभी कर्मचारियों को नियमानुसार वेतन दिया जा रहा है और उनके कार्य का सत्यापन संबंधित संस्थानों के प्रभारी कर रहे हैं।

जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि खजराना सिविल अस्पताल के लिए अभी तक किसी भी चिकित्सक की पदस्थापना के आदेश जारी नहीं हुए हैं। साथ ही, मीडिया में अस्पताल के नाम पर बड़े पैमाने पर खर्च और नियुक्तियों से जुड़ी खबरों का भी खंडन किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि अस्पताल परियोजना से जुड़े सभी कार्य शासन के नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही किए जाएंगे। भूमि हस्तांतरण, भवन निर्माण की स्वीकृति और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल के निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू होगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

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