भोपाल/छिंदवाड़ा। सहकारिता के क्षेत्र में अपनी खास पहचान बनाने वाले, मिलनसार व्यक्तित्व और जननायक के रूप में पहचाने जाने वाले पूर्व मंत्री और विधायक दीपक सक्सेना एक बार फिर सियासत के केंद्र में आ गए हैं। लंबे इंतजार के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि उन्हें निगम-मंडल में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
हाल ही में वे भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा के जन्मदिन के मौके पर भोपाल पहुंचे थे। इस दौरान उनके निवास पर हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में सक्सेना को सकारात्मक संकेत मिले—“सब कुछ ठीक होगा, बस कुछ दिन और इंतजार कीजिए।” दरअसल, पार्टी के बड़े नेता राज्यसभा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त थे, जिसकी वजह से निर्णय में देरी हुई।
इस आश्वासन के बाद दीपक सक्सेना संतुष्ट नजर आए और छिंदवाड़ा लौटकर अपने समर्थकों से मुलाकात की। उनके समर्थकों में भी उत्साह साफ देखा जा रहा है, मानो उनके नेता की सियासी वापसी अब बस औपचारिकता भर रह गई हो।
सूत्रों की मानें तो निगम-मंडल की सूची लगभग तैयार है और उसमें सक्सेना का नाम शामिल होने की चर्चा जोरों पर है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें किस विभाग की जिम्मेदारी मिलेगी।
फिलहाल, सबकी नजर आने वाले सप्ताह पर टिकी है, जब निगम-मंडल की आधिकारिक सूची जारी हो सकती है। लेकिन इतना तय है कि अगर दीपक सक्सेना को जिम्मेदारी मिलती है, तो यह न केवल उनकी राजनीतिक वापसी होगी, बल्कि छिंदवाड़ा की सियासत में भी एक नया संदेश जाएगा।



