पटना।बिहार की राजनीति इन दिनों असामान्य हलचल से गुजर रही है। महागठबंधन के भीतर रिश्तों की डोर ढीली पड़ती दिख रही है। विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जो ‘दोषारोपण’ की शुरुआत हुई थी, अब वह खुले संघर्ष का रूप लेती दिख रही है।
सबसे बड़ा टकराव गठबंधन की दो प्रमुख सहयोगी पार्टियों—राजद और कांग्रेस—के बीच उभरकर सामने आया है।
राजद नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस चुनाव में ‘कमजोर कड़ी’ साबित हुई और कई सीटें उसकी वजह से हाथ से निकल गईं। वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि असली गलती राजद की रणनीति में छिपी है, जिसे छुपाने के लिए कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है।
RJD ने कांग्रेस को बताया बेअसर, कांग्रेस बोली—तो गठबंधन में रखा ही क्यों?
राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के तीखे बयान ने विवाद को और हवा दे दी। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस अपनी औकात अलग चुनाव लड़कर देख ले, सब साफ हो जाएगा।”
जवाब में कांग्रेस प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए पूछा कि “अगर कांग्रेस इतनी बेअसर थी, तो RJD ने उसे अपने साथ रखा ही क्यों?”
यह बयानबाजी राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों और संभावित टूट की संकेतक बन रही है।
समीक्षा बैठकों में उठे सवाल, भितरघात और वोट ट्रांसफर बना विवाद का केंद्र
दिल्ली से लेकर पटना तक हुई समीक्षा बैठकों में हार के कारणों पर जो चर्चा चली, वह एक-दूसरे पर उंगलियाँ उठाने में तब्दील हो गई।
वोटों का ट्रांसफर न होना, कमजोर समन्वय और भितरघात—ये मुद्दे अब गठबंधन के भीतर अविश्वास की बड़ी वजह बन चुके हैं।
कांग्रेस पुराने वोट बैंक की ओर लौटना चाहती, RJD को भी उसी आधार की जरूरत
इस चुनाव में महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटें मिलीं। इनमें से 25 राजद के खाते में हैं।
वोट प्रतिशत बढ़ने के बावजूद RJD को अपने MY समीकरण में सेंध दिखाई दी, जबकि कांग्रेस का ओबीसी–ईबीसी वोटों पर दांव विफल साबित हुआ।
अब कांग्रेस वापस अपने पारंपरिक वोट बैंक—सवर्ण, दलित और मुसलमान—की ओर लौटने की कोशिश कर रही है।
दिक्कत यह है कि यही आधार RJD भी साधना चाहती है। ऐसे में दोनों दलों का साथ रहना खुद उनके राजनीतिक भविष्य के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
क्या अलग राह पकड़ेंगे दोनों दल?
अब सवाल यह है कि क्या महागठबंधन की ये दरारें जल्द ही पूर्ण विभाजन में बदल जाएँगी?
राजनीतिक माहौल में जो बेचैनी है, वह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर संभव है।



