नई दिल्ली/गुजरात। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने देश की सियासत में अचानक गर्मी बढ़ा दी है। केरल में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने गुजरात के लोगों को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिस पर अब तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
खरगे के बयान में गुजरात और केरल के लोगों की शिक्षा और समझदारी की तुलना की गई, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है।
बीजेपी का कहना है कि यह सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि पूरे देश के लोगों का अपमान है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस चुनाव के समय समाज को बांटने वाली राजनीति कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे बयान देश के महान नेताओं की विरासत को भी कमतर आंकते हैं।
वहीं, पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बयान हार के डर का नतीजा है। उनका कहना है कि जब जनता समर्थन नहीं देती, तो कांग्रेस इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने लगती है।
इस विवाद में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी कूद पड़े हैं। उन्होंने इस बयान को 6 करोड़ गुजरातियों का अपमान बताया और कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल में बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। देश के कई हिस्सों में चुनावी सरगर्मी के बीच यह विवाद कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। फिलहाल, कांग्रेस की ओर से इस बयान पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे सियासी अटकलें और तेज हो गई हैं।



