शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के शिष्य ने BJP सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। शिष्य का कहना है कि उनसे जबरन राजदंड छीना गया और शिखा पकड़कर उन्हें भीतर ले जाया गया, जहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
पीड़ित शिष्य के अनुसार, अंदर ले जाकर हाथों और लातों से जमकर पीटा गया। यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, संस्कृति और संत समाज के सम्मान पर सीधा आघात है।
आरोप है कि BJP सरकार सत्ता के नशे में इस कदर चूर हो चुकी है कि उसे न तो संतों की मर्यादा की चिंता है और न ही करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की। संत समाज के साथ हुआ यह व्यवहार घोर निंदनीय और पाप की श्रेणी में आता है।
इस घटना को लेकर संत समाज और धर्मावलंबियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यह केवल शारीरिक हमला नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को अपमानित करने की कोशिश है। इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की जा रही है।







