बस्तर में धर्मांतरण और वन भूमि पर कथित कब्जे को लेकर विवाद बढ़ गया है। जगदलपुर कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जांच की मांग की।
जगदलपुर के पिपलावंड पंचायत के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करीब 65 परिवारों के लगभग 300 लोगों ने धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपना लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद कुछ परिवार गांव की परंपराओं और सामूहिक गतिविधियों से दूर हो गए हैं, जिससे गांव की एकता पर असर पड़ा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जिस वन भूमि पर सरकार की ओर से तालाब निर्माण, पौधारोपण और फेंसिंग जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं, वहां चर्च बनाने की तैयारी चल रही है। साथ ही कुछ धर्मांतरित परिवारों को उसी जगह बसाने की बात भी सामने आ रही है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि यह जमीन सार्वजनिक और पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है, इसलिए किसी भी तरह के निर्माण या कब्जे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने और वन भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन ले लिया है और मामले की जांच का आश्वासन दिया है।





