भानुप्रतापपुर।युवा कांग्रेस चुनाव के दौरान नियमों की अनदेखी और वोटिंग प्रभावित करने का मामला सामने आया है। विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी हरीश रावटे ने कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी पर सरकारी रेस्ट हाउस में बैठकर अपने समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान कराने का आरोप लगाया है।
रावटे के मुताबिक, दुर्गुकोंदल वन विभाग के रेस्ट हाउस में विधायक सावित्री मंडावी अपने निजी सचिव बिहारी लाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धनेश नरेटी, जनपद अध्यक्ष गोपी बढ़ई, प्रदेश प्रतिनिधि शोफसिंग आचला समेत बूथ, जोन और सेक्टर स्तर के पदाधिकारियों के साथ मौजूद थीं। आरोप है कि यहां गांवों से युवाओं को बुलाकर मतदान कराया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि विधायक अपने बेटे अमन मंडावी और प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक के समर्थन में वोटिंग कराने के लिए कार्यकर्ताओं को निर्देश दे रही थीं। इसी दौरान युवा कांग्रेस विधानसभा प्रत्याशी हरीश रावटे रेस्ट हाउस पहुंचे और उन्होंने मौके पर आपत्ति जताई।
रावटे ने आरोप लगाया कि संवैधानिक और संगठनात्मक पदों पर बैठे लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने दबाव बनाने और पैसों के जरिए वोटिंग कराने का भी दावा किया है।
वीडियो में विधायक सावित्री मंडावी यह कहते हुए सुनाई दे रही हैं, “मैं अपने बेटे के लिए मतदान करा रही हूं, मुझे मैदान में उतरना पड़ेगा, जिसको जो करना है करे।”
हरीश रावटे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधायक सुबह से रेस्ट हाउस में बैठी थीं और बूथ, जोन तथा सेक्टर पदाधिकारियों को गांवों से युवाओं को लाने के निर्देश दिए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी रेस्ट हाउस में बैठकर चुनावी गतिविधियां चलाना नियमों के खिलाफ है।
इस घटनाक्रम के बाद युवा कांग्रेस चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि चुनाव प्रबंधन या कांग्रेस संगठन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है
और क्या युवा कांग्रेस चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो पाएगा या सत्ता और संगठन के प्रभाव में ही संपन्न होगा?







