रायपुर।रायपुर के नकटी क्षेत्र में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी और वहां रह रहे परिवारों को मिले बेदखली नोटिस के मामले में प्रभावित ग्रामीणों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात की। ग्रामीणों ने प्रशासन की ओर से मिले नोटिस और उससे पैदा हुई स्थिति की जानकारी सांसद को दी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने साफ कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किसी को बेघर करना सरकार का उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी इस मुद्दे पर शासन के सामने अपना पक्ष रखा था। अब भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा कर न्यायपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश करूंगा।”
सांसद अग्रवाल ने प्रभावित ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास योजना तैयार नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की बेदखली कार्रवाई न की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए कोई दूसरा घर नहीं है और जो पूरी तरह बेघर हो सकते हैं, उनकी समस्या का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार की योजनाएं जनता के हित के लिए होती हैं, किसी को परेशानी में डालने के लिए नहीं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपील की कि जिनके पास अन्य स्थानों पर रहने की व्यवस्था है, वे सरकारी योजनाओं में सहयोग करें। इससे वास्तव में जरूरतमंद और भूमिहीन परिवारों को पुनर्वास का लाभ दिलाने में आसानी होगी।
उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि पूरी प्रक्रिया में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। साथ ही ग्रामीणों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल पर भरोसा जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि उनके हस्तक्षेप से उन्हें न्याय मिलेगा और उनके सिर से छत नहीं छीनी जाएगी। लोगों को विश्वास है कि सांसद इस मामले में प्रभावी पहल कर बेदखली के संकट से उन्हें राहत दिलाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सांसद बृजमोहन अग्रवाल इस मुद्दे पर ग्रामीणों के समर्थन में खड़े रहे हैं और परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं।





