छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति निवेश के खिलाफ जांच एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर की विशेष न्यायालय ने पूर्व IAS अधिकारी सौम्या चौरसिया की कुल 45 संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग 47 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि चौरसिया ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से करोड़ों की संपत्तियां अर्जित कीं। बताया जाता है कि कई संपत्तियां उनके रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर खरीदी गई थीं, जिन्हें बेनामी संपत्ति माना जा रहा है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने हाल ही में 16 संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई की, जिनकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपये है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही उनकी 29 संपत्तियों को कुर्क कर चुका है, जिनकी कीमत लगभग 39 करोड़ रुपये है।
इस तरह अब तक की कार्रवाई में कुल 45 संपत्तियों की कुर्की हो चुकी है। यह मामला प्रदेश में भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति निवेश के खिलाफ चल रही सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है। इस घटनाक्रम ने न केवल प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी बड़ा असर डाला है।
भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत हुई इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि सरकार और जांच एजेंसियां अवैध संपत्ति के मामलों में सख्ती से काम कर रही हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे और कितनी बड़ी कार्रवाई सामने आती है।







