रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से 17 जुलाई तक चलेगा। पांच दिन के इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर जोरदार बहस होने के आसार हैं। इस बार आबकारी विभाग से जुड़े फैसले भी सदन में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आबकारी विभाग के मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए फैसलों और उनके अमल की स्थिति को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्ष का आरोप है कि विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो पाए हैं।




बताया जा रहा है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी रणनीति तय करने के लिए अलग बैठक भी करेगी। पार्टी सदन में सरकार से यह जवाब मांगेगी कि मंत्रिपरिषद ने आबकारी विभाग से जुड़े जो फैसले लिए थे, उनमें अब तक कितने लागू हुए, कितने लंबित हैं और देरी की वजह क्या है।
विपक्ष की मांग है कि सरकार विधानसभा में आबकारी विभाग के सभी मंत्रिपरिषद निर्णयों और उनकी वर्तमान स्थिति का पूरा ब्यौरा सदन के पटल पर रखे, ताकि जनता को भी वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
अब सभी की नजर 13 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र पर है, जहां आबकारी विभाग का मामला सरकार के लिए विपक्ष के सबसे बड़े हमलों में से एक बन सकता है।





