मरवाही।बारिश के मौसम में एक बार फिर मरवाही फॉरेस्ट रेंज में मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति गंभीर होती जा रही है। क्षेत्र में तीन हाथियों का दल लगातार अलग-अलग गांवों में पहुंचकर उत्पात मचा रहा है। कभी एक गांव तो कभी दूसरे गांव में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
दर्रीटोला गांव में हाथियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम हाथियों की लगातार निगरानी कर रही है। वहीं ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए गांवों में मुनादी भी कराई जा रही है।
हालांकि, निगरानी, मुनादी और हाथियों की आवाजाही पर नजर रखने की कवायद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि मानव-हाथी संघर्ष का स्थायी समाधान आखिर कब निकलेगा?
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि पिछले करीब 25 वर्षों में मानव-हाथी संघर्ष से निपटने के नाम पर विभिन्न सरकारों द्वारा करोड़ों रुपये की योजनाएं और उपाय किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। हाथियों के हमले, फसलों को नुकसान और ग्रामीणों में भय की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं।
ऐसे में सवाल सिर्फ हाथियों की निगरानी का नहीं, बल्कि ऐसी दीर्घकालिक और प्रभावी रणनीति बनाने का है, जिससे जंगल और इंसानी बस्तियों के बीच टकराव कम हो सके। आखिर अब तक किए गए तमाम प्रयासों का असर जमीन पर क्यों नजर नहीं आ रहा?





