बलरामपुर जिले के जरहोडीह स्थित आदिवासी छात्रावास में रविवार देर शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। छात्रावास में चौथी कक्षा में अध्ययनरत लगभग 10 वर्षीय छात्र अभय कच्छप की असामयिक मौत से न केवल छात्रावास परिवार बल्कि स्थानीय लोग भी शोकाकुल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रावास परिसर में सफाई और झाड़ी काटने का कार्य चल रहा था। इसी बीच कुछ छात्र आसपास खेल रहे थे। अभय भी उन्हीं बच्चों में शामिल था। दुर्भाग्यवश, झाड़ी काटते समय वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उसके पैर की नस कट गई और तेज रक्तस्राव होने लगा। स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद छात्रावास अधीक्षक ने समझदारी दिखाते हुए घायल छात्र को जिला अस्पताल बलरामपुर पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया। लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण अभय की जान नहीं बचाई जा सकी।
यह घटना छात्रावास प्रबंधन के लिए एक गहरी सीख है। ऐसे हादसों से बचने के लिए जरूरी है कि सफाई और रखरखाव जैसे कार्यों के दौरान बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए और उचित सावधानी बरती जाए। एक मासूम की मौत ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि लापरवाही किस हद तक किसी की जिंदगी छीन सकती है।
अभय की असामयिक मौत से छात्रावास और पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है। यह घटना प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और उनके जीवन से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है।



