रायपुर से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों कर्मचारी पिछले एक महीने से हड़ताल पर बैठे हुए हैं। उनकी हड़ताल को देखते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने बेहद सख्त रुख अपनाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने आधी रात लगभग 11:30 बजे अलग-अलग व्हाट्सऐप ग्रुप्स में संदेश भेजकर यह आदेश दिया कि जो कर्मचारी अब तक काम पर वापस नहीं लौटे हैं उनकी सेवा तुरंत समाप्त कर दी जाएगी और उन पदों पर नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

हड़ताल की शुरुआत और मांगें
आपको बता दें कि 18 अगस्त से लगभग 16,000 NHM कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने कई बार सरकार से वार्ता की कोशिश की, लेकिन अब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं। कर्मचारियों की मुख्य मांगें हैं:
- नियमितीकरण (Permanent Appointment)
- उचित वेतनमान
- सेवा सुरक्षा (Job Security)
- भत्तों और सुविधाओं में सुधार
- अन्य 10 सूत्रीय मांगें
इन्हीं मांगों को लेकर कर्मचारी पिछले एक महीने से लगातार आंदोलनरत हैं।
सचिव का सख्त रुख
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने साफ कहा है कि जो कर्मचारी काम पर वापस नहीं आएंगे, उनकी सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी जाएंगी। आदेश के अनुसार अब तक करीब 200 कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है और बाकी रिक्त पदों पर नियुक्ति की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
वहीं दूसरी ओर, NHM कर्मचारियों का कहना है कि एक भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटा है। संगठन के नेताओं का आरोप है कि सरकार कर्मचारियों की जायज़ मांगों को दबाने के लिए धमकी और बर्खास्तगी का रास्ता अपना रही है। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि वे बिना नियमितीकरण और वेतनमान में सुधार के हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
लगातार हड़ताल के कारण राज्यभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर गंभीर असर पड़ रहा है। मरीजों को इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई है क्योंकि वहां अधिकतर स्वास्थ्य सेवाएं NHM कर्मियों पर ही निर्भर हैं।
जेल भरो आंदोलन का ऐलान
हड़ताल को और मजबूत करने के लिए कर्मचारियों ने आज से जेल भरो आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि लगभग 16,000 कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल होंगे और सरकार पर दबाव बनाने के लिए वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
अब नज़रें सरकार-कर्मचारी टकराव पर
इस पूरे मामले में अब एक बड़ा टकराव सामने आ गया है। एक तरफ स्वास्थ्य सचिव ने बर्खास्तगी और नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है, वहीं कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाता है और क्या सरकार कर्मचारियों की मांगें मानकर कोई समाधान निकालती है या फिर यह टकराव और गहराता है।



