छत्तीसगढ़ में मौसम ने ली करवट: तीन सिस्टम सक्रिय

Madhya Bharat Desk
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रायपुर।छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार को तेज गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश पर एक साथ तीन मौसमीय सिस्टम सक्रिय हैं, जिनकी वजह से अगले कुछ दिनों तक बारिश, तेज हवा और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है।

रायपुर सबसे गर्म, फिर भी गर्मी से मिली राहत

शुक्रवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग दो डिग्री ज्यादा रहा। हालांकि शाम के समय हुई बारिश और ठंडी हवाओं से लोगों ने राहत महसूस की। वहीं बस्तर और सरगुजा संभाग के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

तीन सिस्टम के असर से सक्रिय हुआ मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पंजाब से बिहार तक बनी मौसमी द्रोणिका, पूर्वी विदर्भ से तेलंगाना होते हुए तमिलनाडु तक फैला ट्रफ और दक्षिणी हिस्सों से लगातार आ रही नमी की वजह से प्रदेश में मौसम का असर बढ़ गया है। इन सिस्टमों के कारण कई इलाकों में अचानक तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं। अगले 48 घंटे तक यही स्थिति बने रहने की संभावना है।

अगले दो दिन वज्रपात और तेज बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले दो दिनों तक गरज-चमक के साथ वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने और बिजली से चलने वाले उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करने की अपील की गई है। रायपुर में भी शनिवार को दिनभर आंशिक बादल छाए रहने और शाम के समय बारिश या अंधड़ आने की संभावना है।

जून के आखिर तक नियमित बारिश की उम्मीद

प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे उमस कम हुई और मौसम सुहाना हो गया। रायपुर, दुर्ग, नगरी, अंबिकापुर और बस्तर क्षेत्र में बारिश का अच्छा असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो जून के अंतिम सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में नियमित बारिश शुरू हो सकती है। इससे खरीफ फसलों की बुआई और अन्य कृषि कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

कहां कितनी हुई बारिश (मिलीमीटर में)

  • सामरी – 50 मिमी
  • करपावंड – 50 मिमी
  • बास्तानार – 40 मिमी
  • अंबिकापुर – 30 मिमी
  • भनपुरी – 30 मिमी
  • बकावंड – 30 मिमी
  • नगरी – 20 मिमी
  • छुईखदान – 20 मिमी
  • मर्दापाल – 20 मिमी
  • लोहांडीगुड़ा – 20 मिमी
  • कुकरेल – 20 मिमी
  • दुर्ग – 20 मिमी
  • लाभांडीह – 20 मिमी
  • रायपुर शहर – 20 मिमी
  • पलारी – 20 मिमी
  • कोंडागांव – 20 मिमी

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