डीजल चोरी गिरोह का भंडाफोड़: अंतर्राज्यीय नेटवर्क के दो आरोपी गिरफ्तार

Madhya Bharat Desk
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बालोद। जिले में ट्रकों से लगातार हो रही डीजल चोरी की घटनाओं के बीच बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन, मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में डीजल सहित कुल 5 लाख 51 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवपाल उर्फ शिवा वाल्मिकी (19 वर्ष) और देवेन्द्र विश्वकर्मा (25 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के रहने वाले हैं।

लगातार शिकायतों के बाद बनाई गई विशेष टीम

क्षेत्र में डीजल चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस विभाग ने विशेष टीम का गठन किया था। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर और एसडीओपी बोनीफॉस एक्का के मार्गदर्शन में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा और साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।

560 लीटर डीजल चोरी की शिकायत से शुरू हुई जांच

ग्राम नेवारीखुर्द निवासी खिलेश्वर सिंह तारम ने पुलिस को बताया था कि उनका ट्रक अंतागढ़ की मेटाबोदली माइंस से लौटने के बाद गांव में खड़ा था। वहीं एक अन्य ट्रक भी पास में खड़ा किया गया था। 4 जून की सुबह दोनों वाहनों की जांच करने पर डीजल टंकियां खाली मिलीं।

जांच में पता चला कि दोनों ट्रकों से कुल 560 लीटर डीजल, जिसकी कीमत करीब 57 हजार रुपये थी, चोरी कर लिया गया था।

नाकेबंदी के दौरान हाथ लगी बड़ी सफलता

डीजल चोरी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस झलमला क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार दिखाई दी। पुलिस को देखते ही चालक वाहन छोड़कर भाग निकला, लेकिन कार में मौजूद दो लोगों को पकड़ लिया गया।

पूछताछ में फरार आरोपी की पहचान समीर मेवाती निवासी दुपाड़ा (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई।

भिलाई में रहकर रात में करते थे चोरी

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जून की शुरुआत में भिलाई पहुंचे थे और होटल में ठहरे हुए थे। मुख्य आरोपी शिवपाल ने समीर मेवाती को प्रतिदिन 500 रुपये और 35 लीटर डीजल देने का लालच देकर अपने साथ जोड़ा था।

आरोपी रात के समय बालोद और आसपास के इलाकों में पहुंचते थे तथा सड़क किनारे खड़े ट्रकों के टैंक से पाइप के जरिए डीजल निकालकर चोरी करते थे। आरोपियों ने लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा और बालोद शहर में कई घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।

चोरी की रकम से खरीदी स्कॉर्पियो

पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी किया गया डीजल भिलाई में बेच दिया जाता था। इससे मिली रकम से करीब दो लाख रुपये में एक स्कॉर्पियो वाहन खरीदा गया था। वहीं लगभग 80 हजार रुपये एजेंट के माध्यम से आरोपी की मां के पंजाब नेशनल बैंक खाते में भेजे गए थे।

खंडहर परिसर से बरामद हुआ डीजल और वाहन

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस सेक्टर-06 भिलाई स्थित पुराने एलआईसी कार्यालय परिसर के खंडहर क्षेत्र पहुंची। वहां से पुलिस ने 490 लीटर डीजल, तीन वाहन, प्लास्टिक पाइप और मोबाइल फोन बरामद किए।

जब्त किए गए सामान में स्विफ्ट डिजायर, सुमो गोल्ड, स्कॉर्पियो, 14 प्लास्टिक गैलन में भरा डीजल, एक मोटोरोला मोबाइल और एक टच स्क्रीन मोबाइल शामिल हैं। बरामद संपत्ति की कुल कीमत 5.51 लाख रुपये बताई गई है।

कई मामलों में पहले से दर्ज हैं अपराध

पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ थाना बालोद और अर्जुन्दा में डीजल चोरी के कई मामले दर्ज हैं। सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपी समीर मेवाती और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।

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