मोन्था’ का असर: कोण्डागांव में पुलिया धंसी, धान की फसल चौपट, दो ट्रेनें रद्द — आठ जिलों में अलर्ट”

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

चक्रवात ‘मोन्था’ ने छत्तीसगढ़ में तबाही मचा दी है। राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा असर बस्तर और कोण्डागांव में देखने को मिला, जहां भारी बारिश से खेत जलमग्न हो गए और कई स्थानों पर सड़कें तथा पुल टूट गए।

कोण्डागांव जिले के ग्राम आदनार में ‘बड़को नाला पुलिया’ धंस गई, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। यह पुलिया लिंगोपथ, मर्दपाल, भाटपाल और नारायणपुर को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बनी एक महत्वपूर्ण सड़क पर स्थित थी। लगातार बारिश से पुलिया का एक हिस्सा पहले धंस गया, और बाद में पानी का दबाव बढ़ने से उसका बाकी हिस्सा भी टूट गया। सौभाग्य से उस वक्त कोई वाहन पुल पर नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

मौसम विभाग के अनुसार, ‘मोन्था’ अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसका असर अभी भी प्रदेश के कई हिस्सों में जारी है। भारी बारिश की वजह से धान की खड़ी फसल झुककर गिर गई है, जबकि पहले से कटी धान की बोरियां खेतों में भीगकर सड़ने लगी हैं। किसानों की महीनों की मेहनत पर एक झटके में पानी फिर गया है।

‘मोन्था’ के असर से बस्तर संभाग की दो यात्री ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं। वहीं, आठ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 31 अक्टूबर के बाद प्रदेश में मौसम सामान्य हो जाएगा।

बारिश और बर्बादी की यह स्थिति न केवल आवागमन को प्रभावित कर रही है, बल्कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डाल रही है। प्रशासन ने राहत और मरम्मत कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन लगातार हो रही वर्षा से मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment