बीजापुर।युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। सोमवार को राजस्व और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने चट्टानपारा स्थित उसके बाड़े पर बुलडोजर चलाकर अवैध अतिक्रमण को हटा दिया।
पत्रकारों की मांग पर हुई कार्रवाई
1 जनवरी 2025 को हुई इस सनसनीखेज हत्या के बाद पत्रकार समुदाय ने आरोपित के अवैध ठिकानों पर तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई थी। प्रशासन ने पहले ही फॉरेस्ट लैंड पर बने प्लांट को तोड़ दिया था। अब आठ माह बाद राजस्व भूमि पर बने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया।
प्रशासन का साफ संदेश
बीजापुर पुलिस ने पहले ही घटना स्थल को सील कर दिया था। अब राजस्व और नगर पालिका की संयुक्त कार्रवाई से यह साफ संदेश दिया गया है कि किसी भी अवैध अतिक्रमण या कानून के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई आरोपी के खिलाफ कानून की सख्ती और प्रशासन की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का उदाहरण मानी जा रही है।
क्या था पूरा मामला?
1 जनवरी 2025 को बीजापुर में युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि सुरेश चंद्राकर और उसके साथियों ने हत्या के बाद शव को उसके ही बाड़े के सेप्टिक टैंक में छिपा दिया था। पुलिस ने 5 जनवरी 2025 को मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। तब से वह और उसके दो सहयोगी जेल में बंद हैं।
8 सितंबर 2025 को प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी के फार्महाउस और अन्य अवैध ठिकानों पर बुलडोजर चलाया। इससे साफ हो गया है कि इस हाई प्रोफाइल हत्या केस में कानून अपना सख्त रुख अपनाए हुए है।







