वंदे मातरम् को मिली कानूनी सुरक्षा, राष्ट्रपति ने दी संशोधन विधेयक को मंजूरी

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

नई दिल्ली।राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर केंद्र सरकार के ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक अब कानून बन गया है।

नए कानून के तहत ‘वंदे मातरम्’ को भी वही कानूनी सुरक्षा मिलेगी, जो अब तक राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ को प्राप्त थी। इसका मतलब है कि किसी सभा या कार्यक्रम में जानबूझकर राष्ट्रीय गीत के गायन को रोकना या उसमें बाधा डालना अब दंडनीय अपराध होगा।

जानबूझकर रोकने पर होगी कार्रवाई

इससे पहले 1971 के कानून में राष्ट्रीय गान के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने को लेकर कानूनी प्रावधान थे, लेकिन राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के लिए अलग से ऐसी व्यवस्था नहीं थी। अब नए कानून के जरिए राष्ट्रीय गीत को भी इसी तरह की कानूनी सुरक्षा दी गई है।

मौजूदा प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय गान के गायन को जानबूझकर रोकने या किसी सभा में उसमें बाधा डालने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। अब इसी तरह के प्रावधान ‘वंदे मातरम्’ के मामले में भी लागू होंगे।

किसी को जबरन गाने के लिए मजबूर करना मकसद नहीं

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नए कानून का उद्देश्य किसी व्यक्ति को जबरन ‘वंदे मातरम्’ गाने के लिए मजबूर करना नहीं है। कानून का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने या किसी कार्यक्रम में उसमें बाधा डालने जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई करना है।

इस कानून के लागू होने के बाद ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मौजूदा कानूनी संरक्षण के दायरे में लाया गया है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment