देश के जाने-माने उद्योगपति और वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है, जिससे कारोबारी जगत में हलचल मच गई है।
सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े कथित उल्लंघनों की जांच के तहत की जा रही है। हालांकि अभी तक वेदांता ग्रुप की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बताया जा रहा है कि ED की टीम यह जांच कर रही है कि विदेशी लेन-देन, निवेश या विदेशों में फंड ट्रांसफर के नियमों का कहीं उल्लंघन तो नहीं हुआ है। इसी सिलसिले में कई जरूरी दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
वेदांता ग्रुप देश की बड़ी माइनिंग और मेटल कंपनियों में से एक है, जो एल्युमिनियम, जिंक और तेल जैसे बड़े सेक्टर में काम करती है। ऐसे में इस कार्रवाई का असर कॉरपोरेट सेक्टर में भी देखने को मिल रहा है।
खास बात यह है कि कंपनी पहले भी विदेशी मुद्रा नियमों से जुड़े मामलों को लेकर जांच एजेंसियों के रडार पर रह चुकी है। अब सबकी नजर इस नई कार्रवाई और ED की आगे की जांच पर टिकी हुई है।




