हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस से लेकर एनडीए तक, सभी दलों के नेताओं ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने पूरण कुमार की पत्नी को पत्र लिखकर गहरा शोक जताया, वहीं प्रियंका गांधी, चिराग पासवान और अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
प्रियंका गांधी का हमला:
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जातीय उत्पीड़न से परेशान होकर एक ईमानदार आईपीएस अधिकारी ने जान दी, जो पूरे देश के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा, “दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, और भाजपा राज में यह अत्याचार एक अभिशाप बन गया है। जब ऊंचे पदों पर बैठे दलित अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।”
चिराग पासवान की मांग – उच्चस्तरीय जांच जरूरी:
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर कहा कि यह घटना सिर्फ एक अधिकारी की मौत नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की संवेदनहीनता का प्रतीक है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच निष्पक्ष और उच्चस्तरीय हो, ताकि यह संदेश जाए कि कानून के ऊपर कोई नहीं है।
अरविंद केजरीवाल का बयान:
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलनी चाहिए और दलित समुदाय के सम्मान की रक्षा होनी चाहिए।
दीपेंद्र हुड्डा ने रखी एसआईटी जांच की मांग:
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा, “लोगों का सिस्टम पर भरोसा तभी लौटेगा जब न्याय मिलेगा।”
AAP का सख्त रुख:
आप नेता अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा, “अगर दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आप पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।”
वरुण चौधरी की मांग – हाईकोर्ट जज से जांच हो:
अंबाला से सांसद वरुण चौधरी ने इस मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से कराने की मांग की है। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर एफआईआर में नामजद आरोपियों को तत्काल पद से हटाने और परिवार को सुरक्षा देने की बात कही।
राजनीतिक हलचल जारी:
वाई पूरण कुमार आत्महत्या प्रकरण अब केवल पुलिस जांच का विषय नहीं रहा, बल्कि यह हरियाणा की सियासत का बड़ा मुद्दा बन चुका है। विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि जनता निष्पक्ष न्याय की मांग कर रही है।







