रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक कई मायनों में अहम साबित हुई। इस बैठक में ऐसे फैसले लिए गए हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता की जिंदगी को प्रभावित करेंगे और राज्य की नीतियों में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर हुई। सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए एक कमेटी गठित करने का फैसला लिया है, जिसकी कमान एक रिटायर्ड जज को सौंपी जाएगी। यह कमेटी राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की संभावनाओं और उसके ड्राफ्ट पर काम करेगी।
महिलाओं के लिए सरकार ने बड़ा राहतभरा फैसला लिया है। अब अगर कोई महिला अपने नाम पर जमीन या मकान रजिस्टर कराती है, तो उसे रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% तक की छूट मिलेगी। इस फैसले से महिलाओं के लिए संपत्ति खरीदना पहले के मुकाबले काफी आसान और किफायती हो जाएगा।
वहीं, देश की सेवा करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों को भी राहत दी गई है। सरकार ने तय किया है कि 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर उन्हें स्टाम्प ड्यूटी में 25% की छूट दी जाएगी।
खनन और रेत के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए भी सरकार ने सख्ती दिखाई है। अब अवैध खनन करते पकड़े जाने पर 25 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही रेत खदानों के संचालन को सरकारी कंपनियों के हवाले करने की दिशा में भी रास्ता साफ किया गया है।
इसके अलावा कैबिनेट ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नियमों में बदलाव, पशुपालकों के हित में नई योजनाएं और वैक्सीन खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं।
कुल मिलाकर, यह बैठक सिर्फ प्रशासनिक फैसलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे राज्य में नीतिगत बदलावों की एक मजबूत शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।







