रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में एक बार फिर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और अपमान का मुद्दा गरमा गया है। राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणदास महंत ने विवादित बयान दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को “चमचा” कहकर संबोधित किया, जिससे संगठन के भीतर रोष और असंतोष बढ़ गया है।
पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सत्ता में रहने के दौरान भी उन्हें बार-बार उपेक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा। यही कारण रहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। अब विपक्ष में रहने के बावजूद नेताओं के ऐसे बयान कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुँचा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि जिस राजीव भवन में स्व. राजीव गांधी कार्यकर्ताओं को देव तुल्य मानते थे, वहीं आज उन्हीं कार्यकर्ताओं को “चमचा” कहा जा रहा है। उनका कहना है कि यदि यही रवैया जारी रहा तो संगठन कमजोर होगा और कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट जाएगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस हाईकमान चरणदास महंत के बयान पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा या फिर हमेशा की तरह मामले को नज़रअंदाज़ कर देगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को गंभीरता से नहीं लिया, तो आने वाले चुनावों में इसका और भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।







