भारत में मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों को लेकर कड़े कानून बनाए गए हैं। ऐसे मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भूमिका अहम होती है। हाल ही में चेतन्य बघेल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह मामला कानूनी और राजनीतिक दृष्टि से काफी चर्चा में है।
मुख्य विवरण
2 सितंबर 2025 को जस्टिस अरविंद वर्मा की एकलपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान ईडी ने अदालत को बताया कि चेतन्य बघेल के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह कानूनसम्मत है और यह जांच की प्रक्रिया के अनुरूप है। वहीं, चेतन्य की ओर से उनके वकीलों ने गिरफ्तारी को अवैध करार दिया और इसे चुनौती दी।
अदालती कार्यवाही
अदालत ने दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनीं। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर 2025 को निर्धारित की है। उस दिन ईडी को अपना पक्ष और विस्तार से रखना होगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
ध्यान देने योग्य है कि ईडी ने चेतन्य बघेल को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हिरासत में लिया था। इसके विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। अब पूरा मामला इस बात पर केंद्रित है कि गिरफ्तारी कानूनी रूप से वैध है या नहीं।







