दुर्ग/भिलाई। भिलाई के सेक्टर-7 इलाके में पीलिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वार्ड-67, स्ट्रीट 37ए में अब तक कुल 37 मरीजों में पीलिया की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि राहत की बात यह है कि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
14 अप्रैल 2026 को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के निर्देश पर और जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे के मार्गदर्शन में की गई। टीम में सिविल अस्पताल सुपेला के प्रभारी डॉ. पियाम सिंह, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट रितिका सोनवानी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी और मितानिनें शामिल रहीं।
टीम ने इलाके में जाकर संदिग्ध मरीजों की जांच की और उनके ब्लड सैंपल लिए। ताजा जानकारी के अनुसार एक नया मरीज सामने आया है, जबकि एक मरीज को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल कुछ मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती होकर उपचार ले रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने करीब 80 घरों का सर्वे कर लोगों की जांच की। साथ ही, 13 संदिग्ध मरीजों के सैंपल भी लिए गए हैं। एहतियात के तौर पर इलाके में मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की गई है, जो मौके पर ही जांच और इलाज कर रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह संक्रमण दूषित पानी और खाने के कारण फैल सकता है। नगर निगम द्वारा पानी की सप्लाई की जा रही पाइपलाइन को बदला जा रहा है ताकि संक्रमण पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके।
डॉक्टरों के अनुसार, पीलिया एक संक्रामक बीमारी है जो वायरस के कारण होती है और इसके लक्षण 15 से 50 दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं। इसमें भूख न लगना, पीली पेशाब, उल्टी, कमजोरी, सिरदर्द और आंखों व त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे साफ पानी पिएं, स्वच्छता का ध्यान रखें और लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।







