SC का फैसला: ED की जांच पर रोक की भूपेश बघेल की मांग खारिज, हाई कोर्ट जाने की सलाह

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को एक बड़ा झटका देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जांच अधिकारों को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (PMLA) की धारा 44 से जुड़ा है।

जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि इस प्रावधान में कोई कानूनी खामी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यदि इस धारा का दुरुपयोग हो रहा है, तो पीड़ित पक्ष को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। न्यायमूर्ति बागची ने टिप्पणी की, “दुर्भावना कानून में नहीं, बल्कि उसके दुरुपयोग में है।”

भूपेश बघेल ने याचिका में यह दलील दी थी कि PMLA की धारा 44 के तहत ED को मूल शिकायत के बाद दर्ज अन्य शिकायतों के आधार पर धन शोधन मामलों में आगे की जांच का अधिकार नहीं होना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

गौरतलब है कि ED वर्तमान में बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान कथित 2,000 करोड़ रुपये के शराब बिक्री घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। एजेंसी का आरोप है कि इस घोटाले में अवैध रूप से कमीशन वसूला गया, जिससे राज्य के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment