रायपुर, 10 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने 14 मार्च को कक्षा 12वीं हिंदी परीक्षा सेट ‘बी’ लीक के शक में रद्द कर दी। आज सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 तक सभी केंद्रों पर दोबारा परीक्षा शुरू हो चुकी है। हजारों स्टूडेंट्स सख्त सुरक्षा में बैठे हैं। मंडल ने अलर्ट दिया—समय में बदलाव हो सकता है, छुट्टी होने पर भी एग्जाम चलेगा।
लीक की पूरी चेन: टेलीग्राम से वायरल.
13 मार्च रात 11:10 बजे एक रैंडम टेलीग्राम ग्रुप में मैसेज फ्लैश: “12th बोर्ड हिंदी पेपर, सीजी बोर्ड 2026 रियल क्वेश्चन पेपर!” दो पेज की इमेज में 15 हाथ से लिखे सवाल, सेट ‘बी’ का मार्किंग—बिल्कुल असली पेपर जैसा। धमतरी के इंजीनियरिंग स्टूडेंट रजत साहू (नाम बदला) ने तुरंत सेव किया और 11:23 बजे गरियाबंद की सुनीता को फॉरवर्ड कर दिया। सुनीता ने इसे ‘इम्पोर्टेंट क्वेश्चन’ समझ कोरबा के शोमित को भेजा। शोमित ने जीनियस एकेडमी व्हाटएप ग्रुप में शेयर किया—बस 15 मिनट में 15,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स के फोन पर वायरल। 15-16 मार्च को सोशल मीडिया में भूचाल आ गया।
बोर्ड का तेज फैसला
सबसे पहले इन स्टूडेंट्स से बात कर कड़ियां जोड़ीं। बोर्ड ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज की, सिटी कोतवाली में FIR हुई। 23 मार्च को परीक्षा समिति ने जांच देख रद्दीकरण किया। आज का शेड्यूल सख्त: 9 बजे केंद्र पहुंचो, 9:05 उत्तर पुस्तिका, 9:10 प्रश्नपत्र, 9:15 से लिखना शुरू। सिलेबस पुराना ही।
पुलिस एक्शन और NSUI का हल्ला
रायपुर साइबर पुलिस ग्रुप एडमिन्स और मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी। रजत जैसे कुछ बातें छिपा रहे। राज्य सरकार ने पेपर लीक पर 10 साल जेल और 1 करोड़ जुर्माने का सख्त कानून लाया। NSUI ने बोर्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर हमला बोला, निष्पक्ष जांच और घेराव की धमकी दी। शिक्षा मंत्री ने पहले लीक से इनकार किया, लेकिन छात्रहित में कदम उठाया।
स्टूडेंट्स का डर-तैयारी

“मॉडल पेपर समझा था, असली निकला!”—स्टूडेंट्स हैरान। अभिभावक भड़के हुए। री-एग्जाम से निष्पक्षता बरकरार रहेगी। cgbse.nic.in पर लेटेस्ट चेक करें। यह घोटाला शिक्षा तंत्र को हिला गया—मुख्य सरगना कब फंसेगा?







