छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और अन्य जिलों में कांग्रेस ने बिजली दरों में हो रही लगातार वृद्धि के खिलाफ एक अभिनव विरोध अभियान छेड़ा है। इस विरोध का मुख्य केंद्र बिंदु बिजली विभाग के कार्यालय रहे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक लाइट बंद कर लालटेन जलाकर विरोध का दृश्य बहुत ही प्रतीकात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
1. विरोध का स्वरूप और उद्देश्य
शुक्रवार को रायपुर के बूढ़ापारा स्थित बिजली कार्यालय (CSPDCL) में कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ता पहुंचे। उन्होंने कार्यवाही के हिस्से के रूप में बिजली की लाइटें बंद कर दी और एक लालटेन अफसर के कैबिन में रख दिया—इस लालटेन को नेता एजाज़ ढेबर ने सरकार से एक “गिफ्ट” के रूप में मंत्री महोदय के लिए समर्पित बताया ।
इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य था बिजली दरों में हालिया वृद्धि के विरोध में जनता की आवाज़ को प्रभावी तरीके से प्रतिबिंबित करना।
2. नेतागणों की टिप्पणी
ढेबर ने विरोध करते हुए कहा कि जनता को अंधेरे में धकेला जा रहा है और अब उन्हें इस लालटेन पर ही आश्रय करना होगा—यह एक कटु सचाई है जिसकी ओर सरकार को ध्यान देना होगा ।
इस तरह का प्रतीकात्मक प्रदर्शन दर्शाता है कि बिजली की दरों में निरंतर बढ़ोतरी किस तरह से आम लोगों की जेब और ऊर्जा पहुँच पर असर डाल रही है।
3. पूरी प्रक्रिया का विस्तार
रायपुर के अलावा जिलों जैसे डौंडीलोहारा में भी बिजली कार्यालयों का घेराव किया गया, जहां कांग्रेस ने धरना-प्रदर्शन और कार्यालयों की लाइट सहेज कर विरोध का स्वरूप बनाया ।
अलावा प्रदेश कांग्रेस की रणनीति के अंतर्गत 22 जुलाई को जिलावार आयोजित होने वाले आंदोलन की बात भी सामने आई है, जिसे स्वतंत्र रूप से जैसे रायगढ़ में जिला मुख्यालय तक विरोध फैलाने की योजना है ।



