एक ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी सुशासन का जश्न मना रहे है तो वहीं दूसरी ओर उसके ही पार्टी की महापौर सुशासन सरकार की पोल खोल रही है।
साय सरकार और उसके कार्यकर्ता 1 मई से 10 जून तक प्रदेश में सुशासन तिहार मनाने के लिए जगह जगह कार्यक्रम करवा रही है और शहरों की सड़कों को पोस्टर से सजाना शुरू कर दिए है।
इसी बीच बिलासपुर में ट्रिपल इंजन की महापौर पूजा विधानी ख़ुद अपने सरकारी विभागो में भ्रष्टाचार का खुलासा करती नजर आ रही है । महापौर खुद कह रही है कि नगर निगम जिस तरीके से भ्रष्टाचार की चरम सीमा पर है हर विभाग में इसी तरह से भ्रष्टाचार हो रहा है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो में महापौर कह रही है कि उनके किराना दुकान पर निगम के 13-14 कर्मचारी पहुंचे और कार्यकर्ता से सामान पैक करने वाली पन्नी के नाम पर 20,000 रुपए जुर्माने की मांग की। जब विधानी ने कुछ फाइन लगाकर रसीद देकर जाने को कहा तो निगम के कर्मचारियों ने 7000 रुपए लेकर बिना रसीद दिए चले गए। यह विष्णु के सुशासन पर सवाल खड़े करती है जहां खुद उसके पार्टी के कार्यकर्ता भ्रष्टाचार करते नजर आ रहें हैं।
विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी के कार्यकर्ता भ्रष्टाचार से जूझती जनता की समस्याओं पर चुप्पी साधे बैठे रहते है और जब भाजपा कार्यकर्ता से वसूली की बात आई तो महापौर खुद तिलमिला उठी हैं।
खुद बीजेपी के कार्यकर्ता ने ही अपने ही पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिया है।



