छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं, और अब राज्य सरकार इस पर सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार जल्द ही धर्मांतरण को लेकर नया कानून लाने जा रही है। यह फैसला प्रदेश में बढ़ते कथित धर्मांतरण मामलों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से हर दिन जबरन या प्रलोभन देकर धर्म बदलवाने की घटनाओं की जानकारी मिल रही है, जो चिंता का विषय है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक दबाव या धोखे में आकर अपना धर्म न बदले।
इस कानून के तहत धर्मांतरण के मामलों की जांच के लिए एक विशेष निगरानी तंत्र भी बनाया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का सम्मान करते हुए बनाया जाएगा, लेकिन जबरन या धोखे से कराए गए धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कठोर होगा।
राज्य सरकार का यह कदम समाज में स्थिरता और सद्भाव बनाए रखने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यह कानून किस रूप में सामने आता है और इसका राज्य की सामाजिक संरचना पर क्या प्रभाव पड़ता है।







