नई दिल्ली।अगर आप आज यानी 27 जनवरी को बैंक से जुड़ा कोई ज़रूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो पहले यह खबर पढ़ लेना आपके लिए ज़रूरी है। दरअसल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने आज देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है, जिसका सीधा असर देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के कामकाज पर पड़ सकता है।
यह हड़ताल सप्ताह में पांच दिन काम (Five-Day Work Week) की मांग को लेकर की जा रही है। बैंक यूनियनों का कहना है कि इस मांग को लेकर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
इन बैंकों की सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित
हड़ताल का असर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक जैसी प्रमुख सरकारी बैंकों पर पड़ सकता है।
इन बैंकों की शाखाओं में नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है।
निजी बैंकों पर असर नहीं
हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बैंकों में हड़ताल का असर कम रहने की उम्मीद है, क्योंकि इनके कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल नहीं हैं।
डिजिटल सेवाएं रहेंगी सामान्य
बैंक हड़ताल के बावजूद यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। हालांकि, कुछ इलाकों में एटीएम में नकदी की उपलब्धता पर लॉजिस्टिक कारणों से असर पड़ सकता है।
लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं बाधित रहने की आशंका
UFBU से जुड़ी नौ बैंक यूनियनों ने यह फैसला 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के असफल रहने के बाद लिया। इससे पहले 25 जनवरी (रविवार) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के चलते बैंक बंद थे, ऐसे में लगातार तीन दिन तक शाखा-स्तरीय सेवाएं बाधित रहने की आशंका है।
एसबीआई समेत कई सार्वजनिक बैंकों ने इस हड़ताल के संभावित असर को लेकर स्टॉक एक्सचेंजों को सूचना भी दी है। एसबीआई ने अपने बयान में कहा है कि ग्राहकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए बैंक ने आवश्यक इंतज़ाम किए हैं, लेकिन हड़ताल के चलते सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
क्या है बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग
बैंक यूनियनें सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में इस पर सहमति बन चुकी थी, लेकिन अब तक सरकार की ओर से अधिसूचना जारी नहीं की गई है। फिलहाल बैंकों में हर महीने पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को काम होता है।
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के महासचिव सीएच वेंकटाचलम ने कहा कि लंबी बातचीत के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। वहीं, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के महासचिव रूपम रॉय ने बताया कि यूनियनें सोमवार से शुक्रवार तक रोज़ 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए भी तैयार हैं।
नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE) के महासचिव एल. चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं, बल्कि एक मानवीय, टिकाऊ और प्रभावी बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर है। उनके मुताबिक, सप्ताह में पांच दिन काम अब विलासिता नहीं, बल्कि समय की ज़रूरत है।






