सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। रायपुर उत्तर से विधायक पुरंदर मिश्रा ने इस वीडियो को भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने रायपुर पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए इस मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने शिकायत में कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जानबूझकर एक भ्रामक और असत्य वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसका वास्तविक तथ्यों से कोई लेना-देना नहीं है। इस वीडियो के जरिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कई वरिष्ठ नेताओं पर 1500 करोड़ रुपये की कथित ‘वसूली’ का झूठा आरोप लगाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो में आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर नेताओं की छवि धूमिल करने और आम जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। यह कृत्य न केवल व्यक्तिगत मानहानि है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनविश्वास को कमजोर करने वाला है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस दुष्प्रचार के माध्यम से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव तथा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय को जानबूझकर निशाना बनाया गया है।
पुरंदर मिश्रा ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी जाए और वीडियो को तैयार करने, अपलोड करने व साझा करने में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। शिकायत के साथ वीडियो से जुड़े स्क्रीनशॉट, लिंक और संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी भी पुलिस को सौंपी गई है।







