हाईकोर्ट की हरी झंडी के बाद प्राचार्य पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी, शिक्षा विभाग ने मांगी 10 नवंबर तक रिपोर्ट

Madhya Bharat Desk
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छत्तीसगढ़ में लंबे समय से अटकी प्राचार्य (ई संवर्ग) पदस्थापना प्रक्रिया आखिरकार रफ्तार पकड़ चुकी है। हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने तेजी दिखाते हुए लोक शिक्षण संचालनालय के माध्यम से सभी संभागीय संयुक्त संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसिलिंग और पदस्थापना की प्रक्रिया 10 नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि व्याख्याता, एल.बी. व्याख्याता एवं प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक विद्यालय) से प्राचार्य (ई संवर्ग) के पद पर पदोन्नति के बाद उनकी पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए विभाग ने सभी आवश्यक अभिलेख, तथ्यों एवं पदस्थापना संबंधित जानकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

डीपीआई ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित कार्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 10 नवंबर 2025 को पूर्वाह्न 11 बजे तक संशोधित एवं सत्यापित जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय में गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए। इस प्रक्रिया में स्थापना शाखा के सहायक संचालक एवं संबंधित जिलों के कक्ष लिपिकों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है।

विभाग के अनुसार, यदि किसी विद्यालय में SEJES (हिंदी/अंग्रेजी माध्यम) का उल्लेख पहले नहीं किया गया है, तो उस जानकारी को संशोधित सूची में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। इससे विषयानुकूल और उचित पदस्थापना सुनिश्चित की जा सकेगी।

शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद पदोन्नति की फाइलों पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि सभी पात्र प्राचार्यों की पदस्थापना प्रक्रिया नवंबर के दूसरे सप्ताह तक पूर्ण कर ली जाए, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में नए प्राचार्य अपने पदों पर कार्यभार ग्रहण कर सकें।

इस संबंध में टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि विभाग का यह कदम शिक्षकों के लिए राहत भरा है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे प्राचार्य अब अपनी जिम्मेदारी संभालने को लेकर उत्साहित हैं।

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